
स्नेहपूर्ण स्मृति में
संजीव मंगला
Sanjeev Mangla
3 मई 1966 – 19 सितंबर 2018
एम.ए., एलएल.बी., डी.जे., एम.एस.डब्ल्यू. · अधिवक्ता · पत्रकार · समाजसेवी · आर्य समाजी
ऐसे विरले लोगों में से एक, जिन्हें पूरा शहर अपना मानता है। बहुत से लोग उन्हें बस 'गुरु जी' कहते थे।
उनका जीवन
निर्भीक क़लम। पलवल में दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार के रूप में साथी उन्हें ज़िले में अख़बार की नींव के पत्थरों में गिनते थे — स्पष्टवादी, निडर और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाले। संयोग से उनका जन्मदिन, 3 मई, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस भी है।
अदालत में एक बुलंद आवाज़। उन्होंने पलवल में वकालत की और पलवल बार एसोसिएशन के प्रधान रहे। युवा वकील आज भी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
शहर की सेवा। पलवल इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन और ज़िला योजना बोर्ड के सदस्य रहे; आर्य समाज, लायंस क्लब, महावीर इंटरनेशनल और कई संस्थाओं को उन्होंने अपना समय दिया। उनकी पढ़ाई चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से हुई।
सेवा कार्यों के अगुआ। अपनी संस्थाओं और अपने लेखों के माध्यम से उन्होंने पलवल में नेत्रदान की मुहिम की अलख जगाए रखी — और उनके निधन के बाद उनके नेत्र भी दान किए गए, ताकि कोई और यह दुनिया देख सके। गरीब बेटियों के विवाह, नेत्र ऑपरेशन व स्वास्थ्य शिविर, और लायंस क्लब के साथ पौधारोपण — ये काम उनके दिल के सबसे क़रीब थे।
समाज पर गर्व। श्री वैश्य अग्रवाल सभा, पलवल के प्रधान के रूप में उन्होंने समाज की एकजुटता पर बल दिया और युवाओं का मार्गदर्शन किया। नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की गौरवगाथा जाने, इसके लिए उन्होंने पलवल में महाराजा अग्रसेन जी की जीवनी प्रकाशित कराई। 2018 में उन्हें अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के कानूनी प्रकोष्ठ का उपसंयोजक नियुक्त किया गया।
इंसान के रूप में। हँसमुख, आत्मीय और सरल — वे हमेशा गरीबों की बात सुनते थे, बिना मेहनत का एक रुपया भी नहीं लिया, और जहाँ भी गए, सम्मान पाया।
उनके दिल के क़रीब काम
- बेटियों के विवाह
- नेत्रदान
- रक्तदान
- स्वास्थ्य शिविर
- पौधारोपण
- पॉलीथीन-मुक्त पलवल
एक विरासत, जो जारी है
19 सितंबर 2018
उनका निधन हुआ; 23 सितंबर को शोक सभा में पूरा शहर उमड़ पड़ा।
2 अक्टूबर 2018
रोटरी क्लब पलवल सिटी ने उनकी याद में राजकीय कन्या महाविद्यालय, पलवल में 250–300 छात्राओं के लिए निःशुल्क एनीमिया व दंत जाँच शिविर लगाया।
19 सितंबर 2021
आर्य समाज मंदिर, पलवल में उनकी याद में काव्य संध्या।
8 फ़रवरी 2023
उनके काम को आगे बढ़ाने के लिए संजीव मंगला फ़ाउंडेशन का पंजीकरण हुआ।
हर साल
19 सितंबर को रक्तदान शिविर और बसंत पंचमी पर सामूहिक विवाह।
श्रद्धांजलियाँ
मित्रों, साथियों और परिवार ने साल-दर-साल उनके बारे में जो लिखा।
“सैकड़ों बार सोचने पर भी मैं मन को नहीं समझा पा रहा हूँ की अब वे मेरे साथ कभी कॉफ़ी पीने नहीं आएँगे ... संजीव को अपना मित्र कहूँ या मार्गदर्शक, सहयोगी कहूँ या प्रेरणास्रोत... वे सम्भवतः मेरी सोच का एक अभिन्न अंग थे। उनको ‘थे’ लिखते हुए मेरा मन शोकार्त है। संजीव एक विद्वान ही नहीं वास्तव में वे एक समाज सुधारक भी थे। उम्र में मुझ से छोटे होने के बावजूद उनकी परिपक्वता ने मेरी सोच पर बहुत गहन छाप छोड़ी। आज के भौतिकवादी युग में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता कभी भी नहीं किया। आना और फिर चले जाना प्रकृति का नियम है, मैं समझता हूँ परंतु उनका जाना इतना आकस्मिक होगा इस तथ्य से मैं समझौता नहीं कर पा रहा हूँ। क्रूर ही सही पर सत्य है कि अब वे हमारे बीच नहीं हैं। प्रभु उनको अपने चरणों में स्थान दें व शोकाकुल परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”
Devender Chauhan · 19 सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“अधिवक्ता संजीव मंगला जी हमारे बीच तो नहीं रहे परन्तु उनकी याद हमें हमेशा खलती रहेगी। उनका पौधे लगाने का बड़ा शौक था, वह हमेशा पेड़-पौधे लायंस क्लब के द्वारा भी ज़्यादा से ज़्यादा लगाने पर हमेशा ज़ोर देते रहते थे, और आज आखिरी कलम से भी पेड़-पौधे जो सूखे हुए थे या पानी के कारण सूख चुके थे उन पर उनका फ़ोकस रहा। वो उनका आखिरी संदेश भी हमें झकझोर गया। वह अपने इरादे के पक्के थे, समय के पाबंद थे, वह संगठनात्मक दृष्टि के माहिर थे। काफ़ी समय उनके साथ काम करने का मौका मिला।”
Dhramver Tewatia Janouli · सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“उन्होंने कहा भाई हमारे जोड़े पूरे हो गए है, पर जब तुम परेसानी बता रहे हो तो एक और सही… उस गरीब आदमी की बेटी के हाथ पीले हो गए।”
Mahesh Kumar · 20 सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“जाते जाते दे गए कई लोगों को जीवन में रोशनी का दान। नेत्रदान की मुहिम को अपनी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से व अपनी कलम के माध्यम से, बहुत से आर्टिकल के माध्यम से अलख जगाए रखा। नेत्रदान की मुहिम से जुड़ी सभी संस्थाओं का सदैव उत्साहवर्धन करते रहे। पूरा जीवन समाज की सेवा में बिताते हुए आर्य समाज, बार एसोसिएशन, वेद प्रचारिणी सभा पलवल, अग्रवाल सभा पलवल, लायंस क्लब पलवल डायमंड, महावीर इंटरनेशनल जैसी कई संस्थाओं के प्रधान व संरक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। गरीब बेटियों की शादी, नेत्रदान, नेत्र ऑपरेशन शिविर, गोष्ठी, हेल्थकेयर कैंप जैसे सेवा कार्यों में मुख्य रूप से रुचि रखते थे व औरों को प्रेरणा देते थे। पलवल इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रहे, अपने साधारण व्यक्तित्व से जन मानस के दिलों में अमिट छाप छोड़ गए...”
Manish Kumar Jain · 19 सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“Being from Palwal, the very first journalist I know, who was more like family. Rest in peace, Bhaiya.”
Nakul Bhardwaj · 20 सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“परम आदरणीय श्री संजीव मंगला जी, बेहद नेक और ईमानदार व्यक्तित्व के धनी, जो एक अधिवक्ता होने के साथ-साथ वरिष्ठ समाजसेवी व पत्रकार भी हैं, जिनकी पहचान सत्य के रूप में की जाती है। इन्होंने अपने कार्यक्षेत्र, चाहे वह पत्रकारिता हो, चाहे वह कानून से जुड़ी कोई बात हो, हर क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा की है। श्री वैश्य अग्रवाल सभा पलवल के अध्यक्ष के नाते समाज में नए बदलाव की अलख जगाई व युवाओं को सदैव अपना अनुभव, आशीर्वाद और मार्गदर्शन देकर सत्य पथ पर चलते हुए सदैव समाज की एकजुटता व सक्रियता पर बल दिया। पलवल में महाराजा श्री अग्रसेन जी की जीवनी प्रकाशित करा नई पीढ़ी को अपने पूर्वज और अपने समाज की गौरवगाथा से अवगत कराने का कार्य किया। जिनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन समय-समय पर हमें मिलता रहा, जिसने आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
Nikunj Garg, युवा फरीदाबाद लोकसभा अध्यक्ष, अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा · 20 अप्रैल 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“मेरे बहुत ही क़रीबी साढ़े तीन दशक पुराने दोस्त… उनके लिए मेरे से कोई शब्द लिखे नहीं जा रहे।”
Veer Pal Dixit · 19 सितंबर 2018 · फ़ेसबुक पर देखें
“मैं अपने आदर्श संजीव मंगला जी को उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर नमन करता हूँ — आपकी बहुत याद आती है, गुरु जी।”
Lal Singh Tewatia, Advocate · सितंबर 2019 · फ़ेसबुक पर देखें
“मामा जी आपके द्वारा दिखाए गए अनुशासन के मार्ग पर हम आज भी कार्यरत हैं।”
Harsh Aggarwal · सितंबर 2023 · फ़ेसबुक पर देखें
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